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Image स्टैंड-अप इंडिया

विशेषताएं

स्टैंड-अप इंडिया अनुसूचित जाती/ अनुसूचित जनजाती एवं महिला उद्यमियों को वित्त प्रदान करने के लिए एक विशेष योजना है.

उद्देश्य:
स्टैंड-अप इंडिया योजना का उद्देश्य बैंक की प्रत्येक शाखा से कम से कम एक अनुसूचित जाती (अजा) या अनुसूचित जनजाती(अज) एवं एक महिला उद्यमी द्वारा ग्रीनफील्ड परियोजना की स्थापना करने के लिए 10 लाख से 1 करोड़ रु तक के ऋण की सुविधा प्रदान करना है. यह उद्यम विनिर्माण, सेवा या व्यापार क्षेत्र के हो सकते है.

पात्रता:

  1. 18 वर्ष से अधिक आयु के अनुसूचित जाती/ अनुसूचित जनजाती और/या महिला उद्यमी.
  2. इस योजना के अंतर्गत केवल ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए ही ऋण प्रदान किए जाएंगे. इस संदर्भ में ग्रीनफील्ड अर्थात विनिर्माण, सेवा या व्यापार क्षेत्र  में लाभार्थी का पहला उद्यम (venture)
  3. गैर-व्यक्तिगत उद्यमों के मामले में, 51 % शेयर-धारिता एवं हित (stake) का नियंत्रण या तो अनुसूचित जाती/ अनुसूचित जनजाती और/या महिला उद्यमी के पास होना चाहिए. 
  4. उधारकर्ता का किसी बैंक/वित्तीय संस्था में कोई चूक (default) नहीं होना चाहिए.

ऋण की प्रकृति:
10 लाख से 100 लाख तक समिश्रित ऋण (मीयादी ऋण एवं कार्यशील पूंजी सहित).

ऋण का उद्देश्य:
अनुसूचित जाती/ अनुसूचित जनजाती एवं महिला उद्यमियों  द्वारा विनिर्माण, व्यापार या सेवा क्षेत्र में नए उद्यमों की स्थापना हेतु.

ऋण की मात्रा:
मीयादी ऋण एवं कार्यशील पूंजी सहित  परियोजना की लागत का 75% समिश्रित ऋण. यदि किसी अन्य योजना के अभिसारिता सहयोग सहित उधारकर्ता का योगदान परियोजन लागत के 25% से ज्यादा हो जाता है तो उसपर ऋण के 75% कवर करने का अनुबंध लागू नहीं होगा.

ब्याज दर:
ब्याज की दर हमारे बैंक के मौजूदा ब्याज दर परिपत्र के अनुसार होगी.

प्रतिभूति:
प्राथमिक प्रतिभूति के साथ ही ऋण को सांपार्श्विक प्रतिभूति या स्टैंड-अप इंडिया ऋणों के लिए ऋण गारंटी कोष योजना(CGFSIL) से भी प्रतिभूत किया जा सकता है, जहां आवश्यक हो.
चुकौती:
अधिकतम 18 माह की आस्थगन अवधि सहित अधिकतम 7 वर्ष.

कार्यशील पूंजी:
कार्यशील पूंजी की लिमिट समान्यतः कैश क्रेडिट लिमिट के माध्यम से स्वीकृत की जाएगी. हालांकि 10 लाख तक की कार्यशील पूंजी को ओवरड्राफ्ट सुविधा माध्यम से स्वीकृत किया जा सकता है, जो कि ऋणों के प्रत्यायोजन के अधिकार पर निर्भर करता है. उधारकर्ताओं की सुविधा के लिए रुपेय डेबिट कार्ड जारी किए जाएंगे.

मार्जिन राशि:
इस योजना में 25% मार्जिन राशि की परिकल्पना की गई है जो पात्र केन्द्रीय/राज्य की योजनाओं के अभिसरण से प्रदान की जा सकती है. यद्यपि ऐसी योजनाओं का उपयोग स्वीकार्य सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए या मार्जिन मनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है तथपि सभी मामलों में, उधारकर्ता को परियोजना लागत का कम से कम 10% अपने स्वयं के योगदान के रूप में लाना होगा.

आवेदन फॉर्म:
स्टैंड-अप इंडिया के आवेदन फार्म हेतु यहाँ क्लिक करें
स्टैंड-अप इंडिया के चेक-लिस्ट हेतु यहाँ क्लिक करें

One may apply through -
https://www.standupmitra.in
https://udyamimitra.in

संपर्क :
श्री मृत्युंजय दाश,
सहायक महा प्रबन्धक
ऋण नीति एवं एमएसएमई विभाग,
केंद्रीय कार्यालय, मुंबई
(022) 22892202


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